तेरे ख्यालो में नहाने लगी हूँ में
हर पल गीत गुनगुनाने लगी हूँ में
एक खुशबू मेरे आसपास रहने लगी हे अब
हर चेहरे में तुम्हारा चेहरा तलाशने लगी हूँ मैं
ये तेरे प्यार का एहसास नहीं तो क्या हे
अपनी ही जुल्फे सहलाने लगी हु मैं
मेरी हर अदा तुम्हे लुभाये मेरा हर अंग तुम रिझाये
तुम्हारे लिए खुद को सँवारने लगी हु मैं
❤️❤️प्रवीन सिमरन❤️❤️
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