तुम्हे पा लिया हे रस्मो रिवाज से
तुम्हारे सरजमीं से , सारे समाज से
अब तुम मेरे में तुम्हारी तुम्हारी
हर एहसास हर जज्बाद से
आओ पास, चूम लो मुझे होले से
चूमो मुझे हाथो से चूम लो मुझे होंटो से
उफ़ तुम्हारी ये आंखे कुछ कह रही हे ...
तुम्हारी साँसे मेरी सांसो के साथ बाह रही हे
में तुम्हारी हु ये दामन तुम्हारा हे
पूरी रात सहलाओ इसे हाथो से होंटो से
तुम्हारी छूने से धड़कने बढ़ रही है
देखो कितनी बेहताश साँसे चल रही है
बिछा दो मुझे सेज पर तुम चादर की तरह
ले चलो मुझे दूर इस जहान से
और तड़पाओ , तड़पो तुम भी और मचलो बाँहों में
दर्द भरा सुकून हे कितना इश्क़ की रहो में
मेरे कंधे का तिल l...बुला रहा तुम्हारी होंटो को ,
कह रहा हे आओ चूम लो मुझे प्यार से
आहों का साँसों का मचला है सारी रात इस सेज पर
अब सुला दो मेरे दामन को अपने दामन में समेत कर
ये मौसम ये आलम और ये मेरा दिल कह रहा हे
मुझे और प्यार कर मुझे और प्यार कर
प्यार करते रहो मुझे प्यार से
प्यार करते रहो मुझे प्यार से
❤️❤️ प्रवीन सिमरन ❤️❤️
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